Saturday, December 23, 2017

वह जो वास्तविकता में मेरे...श्रीमद्भगवद्गीता...

वह जो वास्तविकता में मेरे उत्कृष्ट जन्म और गतिविधियों को समझता है, वह शरीर त्यागने के बाद पुनः जन्म नहीं लेता और मेरे धाम को प्राप्त होता है.

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