- आपके हारने पर आपकी सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले लोग निश्चित रूप से आपके शुभचिंतक नहीं हैं. शुभचिंतक अकेले में कमियाँ बताते हैं, सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले लोग केवल अपने मन की भड़ास निकाल रहे होते हैं. सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले लोगों की बात सुननी चाहिए लेकिन उनकी बातों को दिल पर नहीं लेना चाहिए.
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