Thursday, November 23, 2017

न तो कष्टों को निमंत्रण दो... विवेकानन्द...

न तो कष्टों को निमंत्रण दो और न उनसे भागो | जो आता है, उसे झेलो | किसी चीज से प्रभावित न होना ही मुक्ति है | 

No comments:

Post a Comment