Thursday, August 3, 2017

रात की गहराई आँखों में उतर आई...Bewafa Shayari, Dard Shayari, Hindi Shayari, Sad Shayari...


रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई|

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