Friday, June 9, 2017

तेरा चेहरा हैं जब से मेरी आँखों मैं...Hindi shayari...

तेरा चेहरा हैं जब से मेरी आँखों मैं,
लोग मेरी आँखों से जलते हैं..।



सायरी.. तो अपनी जान है
और इसे खुद से लिखना हमारी पहचान।।



ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं,
शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही।



मुझे ही नहीं रहा शौक़-ए-मोहब्बत वरना
तेरे शहर की खिड़कियाँ इशारे अब भी करती हैं।



ख़त जो लिखा मैनें इंसानियत के पते पर!
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते! 



जिन्दगी की हर तपिश को मुस्कुरा कर झेलिए..
धूप कितनी भी हो समंदर सूखा नही करते.!!



तेरी जरूरत.. तेरा इंतज़ार और ये कशमकश,
थक कर मुस्कुरा देते हैं.. हम जब रो नही पाते।



मेरे माँ-बाप की दुआएं भी है इसमें शामिल..
घर फ़क़त मेरी कमाई से नहीं चलता है!!



मेरे हमदम.. तुम्हे किस किस तरह छुपाऊँ में..
मेरी मुस्कान में भी.. नजर आने लगे हो.. अब तो तुम!! 



अब कहा जरुरत है हाथों मे पत्थर उठाने की,
तोडने वाले तो जुबान से ही दिल तोड देते हैं

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